स्पोर्ट्स बॉलीवुड जॉब - एजुकेशन बिजनेस लाइफस्टाइल देश विदेश राशिफल अन्य
---Advertisement---

तिरंगे की शान में लिखे अल्फ़ाज़: देशभक्ति, बलिदान और स्वाभिमान की अमर शायरी

On: January 7, 2026 8:26 AM
Follow Us:
---Advertisement---

तिरंगे की शान में लिखी गई देशभक्ति शायरी पढ़ें, जिसमें बलिदान, स्वाभिमान और भारत माता के प्रति प्रेम की अमर भावनाएँ दो पंक्तियों में प्रस्तुत की गई हैं।

तिरंगा हमारी पहचान है,हमारे वीरों के बलिदान की अमर निशानी है। इसके तीन रंग हमें साहस, शांति और समृद्धि का संदेश देते हैं। इन्हीं भावनाओं को शब्दों में पिरोती यह शायरी हर भारतवासी के दिल से निकलती आवाज़ है।

तिरंगे की शान में लिखे अल्फ़ाज़: देशभक्ति, बलिदान और स्वाभिमान की अमर शायरी

तिरंगे की शान में लिखे अल्फ़ाज़
स्वाभिमान की अमर शायरी

तिरंगे की छांव में ही पलती है मेरी पहचान,
इसकी शान पर कुर्बान है मेरी हर एक सांस।

तिरंगे की शान में लिखे अल्फ़ाज़

लहू से लिखा गया है तिरंगे का इतिहास,
तभी तो इसमें बसता है शहीदों का विश्वास।

तिरंगे की शान में लिखे अल्फ़ाज़

ना पूछो कीमत इस परचम की,
ये हर बलिदान से महंगा है।

तिरंगे को देख दिल ये कह उठता है,
मेरा वतन सबसे सुंदर लगता है।

Read More: Republic Day Shayari Hindi 2026: देश के नाम गर्व भरे अल्फ़ाज़ और दिल को छू लेने वाली देशभक्ति शायरी

स्वाभिमान की पहचान है तिरंगा,
हर हिंदुस्तानी की जान है तिरंगा।

जहाँ तिरंगा लहराता है शान से,
वहीं देशभक्ति जागती है हर इंसान में।

ना झुका है, ना झुकेगा ये कभी,
तिरंगा है हमारी आन, हमारी ज़मीं।

वीरों की कुर्बानी का ये सिला है,
तिरंगा ही हमारी सबसे बड़ी दुआ है।

दिल में वतन, आँखों में तिरंगा,
यही है मेरी ज़िंदगी का ढंग सच्चा।

Read More: मंज़िल उन्हीं को मिलती है दिल छू लेने वाली प्रेरणादायक शायरी Social Media पर मचा रही हैं धूम!

हर मुश्किल में जो साथ निभाए,
वो तिरंगा ही हमें जीना सिखाए।

तिरंगा सिर्फ कपड़े का टुकड़ा नहीं,बल्कि देश, संविधान और स्वाभिमान का प्रतीक है।आइए, हम सब मिलकर इसके सम्मान की रक्षा करें और भारत को प्रगति के पथ पर आगे बढ़ाएँ। तिरंगे की शान में लिखी गई देशभक्ति शायरी पढ़ें, जिसमें बलिदान, स्वाभिमान और भारत माता के प्रति प्रेम की अमर भावनाएँ दो पंक्तियों में प्रस्तुत की गई हैं।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment