IndiGo फ्लाइट्स कैंसिल: आज का दिन हर एयर पैसेंजर के लिए काला दिवस साबित हो रहा है। IndiGo, जो भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन है (दो-तिहाई डोमेस्टिक मार्केट कंट्रोल करती है), ने कल 5 दिसंबर को 1000+ फ्लाइट्स कैंसिल कर दीं। और आज 6 दिसंबर को भी 400-500 उड़ानें रद्द होने का अनुमान है। दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद – हर बड़े एयरपोर्ट पर पैसेंजर्स सड़कों पर उतर आए हैं। क्वीयूज लंबी, गुस्सा भरा, और एयरफेयर्स आसमान छू रही हैं (कुछ रूट्स पर 6 गुना बढ़ गए!)।
CEO Pieter Elbers ने वीडियो स्टेटमेंट में माफी मांगी, लेकिन सवाल वही – ये सब क्यों? पायलट शॉर्टेज, नई DGCA रूल्स, या प्लानिंग की लापरवाही? चलिए, ब्रेकडाउन करते हैं पूरी कहानी को।
IndiGo फ्लाइट्स कैंसिल: क्या हुआ? कैंसिलेशन का पूरा ड्रामा (टाइमलाइन)

- 2-4 दिसंबर: शुरुआत हुई पायलट रेस्ट रूल्स (FDTL Phase II) से। IndiGo ने 150-200 फ्लाइट्स रोज कैंसल कीं। बेंगलुरु में 73, मुंबई में 85, हैदराबाद में 68 रद्द।
- 5 दिसंबर (पीक क्राइसिस): 1000+ कैंसिलेशन! दिल्ली एयरपोर्ट से सभी 235 डोमेस्टिक डिपार्चर रद्द। चेन्नई टर्मिनल 1 से पूरी तरह शटडाउन। कुल मिलाकर, 2300 डेली फ्लाइट्स में से आधी से ज्यादा प्रभावित।
- 6 दिसंबर (आज): 470+ कैंसिलेशन हो चुके। दिल्ली से 106 (54 डिपार्चर + 52 अराइवल), अहमदाबाद से 19, तिरुवनंतपुरम से 6। पैसेंजर्स 3 दिन से स्ट्रैंडेड।
X (ट्विटर) पर #IndiGoCrisis ट्रेंड कर रहा है। एक यूजर ने लिखा: “मेरा दादाजी कल गुजर गए, लेकिन IndiGo की कैंसिलेशन ने मुझे फ्यूनरल से दूर रख दिया। कभी नहीं सोचा था कि एयरलाइन की लापरवाही इतना दर्द देगी।” दूसरी तरफ, एक फैमिली का कहना: “मां को पहली बार फ्लाइट पर ले जाना था, एक्साइटेड थीं, लेकिन सुबह कैंसिलेशन – सपना टूट गया!”
मुख्य वजहें: पायलट शॉर्टेज या DGCA के नए नियम?
DGCA के नए FDTL रूल्स (नवंबर 2025 से लागू) ने हंगामा मचा दिया। ये रूल्स पायलट्स की सेफ्टी के लिए हैं:
- वीकली रेस्ट: 36 से बढ़ाकर 48 घंटे।
- नाइट ड्यूटी लिमिट: रात की फ्लाइट्स पर सख्त कैप।
IndiGo का दावा: “हमने प्लानिंग में गलती की, सिस्टम रीबूट के लिए कैंसिलेशन जरूरी थे।” लेकिन पायलट्स यूनियन (FIP) कहती है: “ये IndiGo की ‘लीन मैनपावर स्ट्रेटेजी’ का नतीजा है। बाकी एयरलाइंस ने पहले से तैयारी की, सिर्फ IndiGo फंस गई।”
नतीजा? OTP (ऑन-टाइम परफॉर्मेंस) 84% से गिरकर 8.5% पर! एयरलाइंस ने मांगा एग्जेम्प्शन, DGCA ने 10 फरवरी 2026 तक नाइट ड्यूटी रूल्स से छूट दी।
पैसेंजर्स का हाल: सड़कों पर हाहाकार
- दिल्ली-मुंबई: लंबी क्वीयूज, गुस्सैल तर्क-वितर्क। एक पैसेंजर ने कहा, “अकासा एयर पर बुकिंग 25k हो गई, जबकि इंडिगो 4k था। हमारा टाइम का कोई वैल्यू नहीं?”
- बेंगलुरु-हैदराबाद: 3 दिन स्ट्रैंडेड स्टूडेंट्स, हैकाथॉन मिस हो गया। “ट्रेन ले लूं तो 26 घंटे लगेंगे!”
- चेन्नई-जम्मू: 31 फ्लाइट्स रद्द, लोकल इवेंट्स मिस।
गवर्नमेंट ने कमिटी बनाई – जहां गलती हुई, कार्रवाई होगी।
DGCA नियम: पैसेंजर्स के हक क्या हैं?
कानून साइड पर मजबूत रहो! DGCA के मुताबिक:
- रिफंड: कैंसिलेशन पर फुल रिफंड 7 दिन में ओरिजिनल पेमेंट मोड पर।
- कॉम्पेंसेशन: 2+ घंटे डिले पर ₹5k-10k (डोमेस्टिक), कैंसिल पर वैकल्पिक फ्लाइट या रिफंड + मील्स/होटल।
- वेवर: IndiGo ने 5-15 दिसंबर तक कैंसिल/रीशेड्यूल पर फुल वेवर दिया। हजारों होटल रूम्स और ग्राउंड ट्रांसपोर्ट अरेंज।
- शिकायत: upsssc.gov.in या DGCA ऐप पर फाइल करें। हेल्पलाइन: 1800-11-3355।
स्टेटस चेक: goindigo.in पर PNR डालो। अल्टरनेटिव: स्पाइसजेट 100+ एक्स्ट्रा फ्लाइट्स चला रहा।
अभी क्या होगा?
CEO Elbers: “10-15 दिसंबर तक नॉर्मलाइजेशन, फुल रिस्टोरेशन फरवरी 2026 तक।” लेकिन पैसेंजर्स का गुस्सा शांत नहीं। क्या ये IndiGo की ‘लीन’ पॉलिसी का अंजाम है? या सिस्टम ओवरलोड? कमेंट में बताओ – तुम्हारी फ्लाइट प्रभावित हुई? रिफंड मिला या स्ट्रैंडेड हो?










