Meesho Share Price Today: अगर आप ई-कॉमर्स सेक्टर में निवेश की तलाश में हैं, तो आज का टॉपिक आपके लिए खास है। मीशो (Meesho)—भारत की तेजी से बढ़ती सोशल कॉमर्स प्लेटफॉर्म—ने आज ही अपना IPO लिस्टिंग किया है। लेकिन सवाल ये है कि क्या ये लिस्टिंग निवेशकों के लिए खुशखबरी है या फिर एक बड़ा झटका? टाइटल में “बड़ा झटका” शब्द का इस्तेमाल इसलिए किया गया है क्योंकि IPO से पहले एंकर बुक में बड़े निवेशकों का विरोध और कंपनी के घाटे ने कई सवाल खड़े किए थे। लेकिन लिस्टिंग के बाद शेयर प्राइस में 46% प्रीमियम पर डेब्यू ने सबको चौंका दिया। क्या अब खरीदना सही कदम होगा? आइए, इस ब्लॉग में डिटेल से समझते हैं।
Meesho Share Price Today: का IPO: एक झलक
मीशो ने 3-5 दिसंबर 2025 को अपना IPO खोला था, जो ₹5,421 करोड़ का था। इसमें ₹4,250 करोड़ फ्रेश इश्यू और ₹1,171 करोड़ ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल था। प्राइस बैंड ₹105-₹111 था। IPO को जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला—79 गुना सब्सक्रिप्शन! क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) ने 120 गुना ओवरसब्सक्राइब किया।

आज (10 दिसंबर) लिस्टिंग पर:
- NSE पर ओपनिंग प्राइस: ₹162.50 (46.40% प्रीमियम)
- BSE पर ओपनिंग प्राइस: ₹161.20 (45.23% प्रीमियम)
- इंट्राडे हाई: ₹177.49 तक (60% ऊपर IPO प्राइस से)
- करेント प्राइस (लगभग 10:30 AM IST): ₹171-₹172 के आसपास, 5-6% ऊपर लिस्टिंग प्राइस से।
ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) ₹43 था, जो ₹154 के लिस्टिंग प्राइस का संकेत दे रहा था। लेकिन असल में इससे कहीं ज्यादा गेन मिला। ये देखकर लगता है कि मार्केट मीशो की वैल्यू कॉमर्स मॉडल पर भरोसा कर रहा है।
निवेशकों को क्यों लगा “बड़ा झटका”?
IPO से ठीक पहले मीशो को एक बड़ा झटका लगा। एंकर बुक अलॉटमेंट में SBI फंड्स मैनेजमेंट को 25% शेयर देने पर कई बड़े ग्लोबल इन्वेस्टर्स ने विरोध किया। कैपिटल ग्रुप, एबरडीन, नॉर्जेस बैंक, ICICI प्रूडेंशियल और निप्पॉन जैसे फंड्स ने अपना हिस्सा वापस ले लिया। ये एक तरह का प्रोटेस्ट था, क्योंकि वो SBI को इतना बड़ा शेयर नहीं देना चाहते थे। इससे एंकर बुक में हलचल मच गई, और निवेशकों को लगा कि कंपनी का मैनेजमेंट डिसीजन पर सवाल उठ रहे हैं।
इसके अलावा, मीशो के फाइनेंशियल्स भी चिंता का सबब बने:
- FY25 रेवेन्यू: ₹9,387 करोड़ (26% YoY ग्रोथ)
- FY25 नेट लॉस: ₹3,883 करोड़ (पिछले साल ₹305 करोड़ से बढ़ा, मुख्यतः ESOP और टैक्स से जुड़े वन-टाइम खर्चे)
- H1 FY26 में लॉस ₹701 करोड़ (72% कम, लेकिन अभी भी घाटा)
कई ब्रोकरेज रिपोर्ट्स में रेड फ्लैग्स बताए गए: सेलर पर डिपेंडेंसी, हाई मार्केटिंग कॉस्ट, आउटसोर्स्ड लॉजिस्टिक्स, और अमेजन-फ्लिपकार्ट जैसी कंपटीशन। अप्रैल 2025 में CoD ब्लॉकेज और नवंबर 2024 में ऑर्डर फेलियर जैसी आउटेज ने रिस्क हाइलाइट किया।
मीशो की ताकत: क्यों है फ्यूचर ब्राइट?
झटके के बावजूद, मीशो की ग्रोथ स्टोरी इम्प्रेसिव है। कंपनी भारत के वैल्यू ई-कॉमर्स सेगमेंट (टियर-2/3 शहरों) में लीडर है:
- यूजर्स: 23.4 करोड़ एनुअल ट्रांजैक्टिंग यूजर्स (ATU)
- सेलर्स: 7.06 लाख एनुअल ट्रांजैक्टिंग सेलर्स (ATS)
- मार्केट शेयर: फैशन में 21-23%, होम/किचन में 23-25%, ब्यूटी में 8-10%
- मॉडल: जीरो कमीशन, सोशल रीसेलिंग (महिलाओं के लिए परफेक्ट), और AI-ड्रिवन लॉजिस्टिक्स।
कंपनी फ्री कैश फ्लो पॉजिटिव हो गई है—FY25 में ₹1,032 करोड़ FCF, जो लिस्टेड ई-कॉमर्स में सबसे ज्यादा। IPO प्रोसीड्स से क्लाउड, AI, मार्केटिंग और एक्विजिशन पर फोकस होगा। रेडसीर रिपोर्ट के मुताबिक, मीशो ऑर्डर वॉल्यूम में भारत का नंबर 1 ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म है।
| पैरामीटर | FY23 | FY24 | FY25 |
|---|---|---|---|
| रेवेन्यू (₹ करोड़) | 5,735 | 7,615 | 9,388 |
| नेट लॉस (₹ करोड़) | -1,675 | -305 | -3,883 |
| EPS | -225 | -39 | – (IPO वैल्यूएशन पर) |
क्या अब खरीदना सही है? एनालिसिस और एक्सपर्ट ओपिनियन
लिस्टिंग के बाद शेयर ₹171-₹172 पर ट्रेडिंग कर रहा है, जो IPO प्राइस से 54-60% ऊपर है। वैल्यूएशन 5.3x-5.5x FY25 सेल्स पर है, जो जॉमैटो (10x+) से कम लेकिन ग्रोथ के लिए अट्रैक्टिव।
एक्सपर्ट्स क्या कहते हैं?
- InCred Equities: सब्सक्राइब रेटिंग, वैल्यूएशन अट्रैक्टिव। लेकिन EBITDA ब्रेकईवन बनाए रखना चैलेंजिंग।
- Motilal Oswal: सब्सक्राइब, 4.5x P/S पर रीजनेबल। जीरो-कमीशन मॉडल की तारीफ।
- Choice Institutional: बाय रेटिंग, टारगेट ₹200 (23% अपसाइड)।
- शिवानी न्याती (Swastika Investmart): FCF पॉजिटिव होने से पॉजिटिव आउटलुक। लॉन्ग-टर्म के लिए होल्ड, लेकिन ₹130 पर स्टॉप-लॉस रखें। शॉर्ट-टर्म ट्रेडर्स प्रॉफिट बुक करें।
- प्रशांत तापसे (Mehta Equities): हाई-रिस्क इन्वेस्टर्स 12-18 महीने होल्ड करें। लॉन्ग-टर्म ग्रोथ साइकिल में पार्टिसिपेट करें।
मेरा एनालिसिस: अगर आप रिस्क लेने वाले लॉन्ग-टर्म इन्वेस्टर हैं (2-3 साल), तो खरीदना सही हो सकता है। मीशो का वैल्यू फोकस और टियर-2/3 पेनेट्रेशन भारत की 1 ट्रिलियन डॉलर ई-कॉमर्स ग्रोथ का फायदा उठाएगा। लेकिन प्रॉफिटेबिलिटी (FY27 तक EBITDA पॉजिटिव अनुमान) और कंपटीशन रिस्क्स पर नजर रखें। शॉर्ट-टर्म ट्रेडर्स: प्रॉफिट बुक करें, क्योंकि पोस्ट-लिस्टिंग वोलेटिलिटी हो सकती है।
खरीदने से पहले चेक करें:
- आपका रिस्क टॉलरेंस: हाई ग्रोथ, लेकिन लॉस-मेकिंग कंपनी।
- मार्केट सेंटिमेंट: फेड रेट कट और इंडिया ग्रोथ पर डिपेंड।
- टारगेट: ₹200 (23% अपसाइड) या ₹130 (स्टॉप-लॉस)।
निष्कर्ष: स्मार्ट चॉइस बनाएं
मीशो का डेब्यू ब्लॉकबस्टर रहा, जो IPO से पहले के झटके को भूलाने वाला है। लेकिन निवेश “बाय लो, सेल हाई” का गेम है—अभी प्रीमियम पर एंट्री रिस्की है। अगर आप भारत के डिजिटल इंडिया स्टोरी में विश्वास रखते हैं, तो लॉन्ग-टर्म के लिए पोर्टफोलियो में ऐड करें। लेकिन DYOR (Do Your Own Research) करें और फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह लें।











