बॉम्बे हाई कोर्ट लेटेस्ट बॉम्बे हाई कोर्ट भारत के सबसे पुराने और व्यस्ततम उच्च न्यायालयों में से एक है, जो महाराष्ट्र, गोवा तथा दमन-दीव और दादरा-नागर हवेली के केंद्र शासित प्रदेशों पर अधिकार क्षेत्र रखता है। 1862 में स्थापित यह कोर्ट न केवल कानूनी न्याय प्रदान करता है, बल्कि सामाजिक मुद्दों पर भी महत्वपूर्ण फैसले सुनाता है। 2025 में कोर्ट ने कई चर्चित मामलों पर फैसले दिए हैं, जैसे ध्वनि प्रदूषण, ट्रेडमार्क विवाद और वित्तीय अनियमितताएं। यदि आप केस स्टेटस चेक करना चाहते हैं, जजों की लिस्ट देखना चाहते हैं या ई-फाइलिंग की प्रक्रिया जानना चाहते हैं, तो यह गाइड आपके लिए उपयोगी साबित होगी। आइए, विस्तार से जानते हैं।
बॉम्बे हाई कोर्ट का इतिहास और संरचना बॉम्बे हाई कोर्ट लेटेस्ट

#बॉम्बे हाई कोर्ट की स्थापना 14 अगस्त 1862 को इंडियन हाई कोर्ट्स एक्ट 1861 के तहत हुई थी। यह मुंबई के फोर्ट इलाके में स्थित है और यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट का हिस्सा है। कोर्ट की स्वीकृत क्षमता 94 जजों (71 स्थायी और 23 अतिरिक्त) की है, लेकिन 2025 में यह 68 जजों (52 स्थायी और 16 अतिरिक्त) से संचालित हो रहा है। कोर्ट की बेंचेस नागपुर, औरंगाबाद, पणजी (गोवा) में हैं, और अगस्त 2025 से कोल्हापुर में चौथी बेंच शुरू हो चुकी है। मुख्य न्यायाधीश अलोक अराधे 21 जनवरी 2025 से पद पर हैं।
लेटेस्ट जजमेंट्स 2025: प्रमुख फैसले
2025 में बॉम्बे हाई कोर्ट ने कई महत्वपूर्ण फैसले सुनाए हैं, जो पर्यावरण, ट्रेडमार्क, धार्मिक प्रथाओं और वित्तीय मामलों से जुड़े हैं। यहां दिसंबर 2025 तक के कुछ प्रमुख जजमेंट्स की झलक:
- मस्जिद में लाउडस्पीकर पर रोक: नागपुर बेंच ने 5 दिसंबर 2025 को एक मस्जिद की याचिका खारिज कर दी, जिसमें लाउडस्पीकर इस्तेमाल की अनुमति मांगी गई थी। कोर्ट ने कहा कि कोई धर्म आवाज़ बढ़ाने वाले उपकरणों या ढोल बजाने से नमाज़ की मांग नहीं करता। सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला देते हुए कोर्ट ने ध्वनि प्रदूषण पर जोर दिया।
- जियो ट्रेडमार्क विवाद: 24 नवंबर 2025 को जस्टिस शर्मिला यू. देशमुख ने झारखंड की एक टैक्सी कंपनी को ‘जियो टैक्सी’ नाम इस्तेमाल करने से रोक दिया। कोर्ट ने रिलायंस इंडस्ट्रीज के ‘जियो’ ट्रेडमार्क का उल्लंघन माना।
- वीवर्क इंडिया आईपीओ पर फैसला: 2025 में कोर्ट ने वीवर्क इंडिया के आईपीओ को सेबी की मंजूरी को वैध ठहराया, लेकिन अनियमितताओं की शिकायतों पर सेबी से जवाब मांगा। दो याचिकाओं को खारिज करते हुए कोर्ट ने कहा कि सेबी ने उचित सावधानी बरती।
- कैंटोनमेंट बोर्ड सदस्य की नियुक्ति: एक स्प्लिट वर्डिक्ट में कोर्ट ने केंद्र सरकार की कैंटोनमेंट बोर्ड सदस्य बदलने की शक्ति पर बहस की। जस्टिस रेवती मोहिते-डेरे और डॉ. निला गोखले के मतभेद रहे।
- अन्य: मालकी सिंह अंबानी की एसबीआई के खिलाफ याचिका खारिज, जिसमें व्यक्तिगत सुनवाई की मांग थी। साथ ही, 2006 मुंबई ट्रेन ब्लास्ट केस में 12 आरोपी बरी।
पूर्ण जजमेंट्स के लिए आधिकारिक वेबसाइट bombayhighcourt.nic.in पर जाएं।
जज लिस्ट 2025: प्रमुख न्यायाधीश
2025 में बॉम्बे हाई कोर्ट में कई नए जज नियुक्त हुए हैं। यहां मुख्य न्यायाधीश और कुछ प्रमुख जजों की लिस्ट है (पूर्ण लिस्ट के लिए doj.gov.in देखें):
| पद/नाम | नियुक्ति तिथि | विशेष टिप्पणी |
|---|---|---|
| मुख्य न्यायाधीश अलोक अराधे | 21 जनवरी 2025 | कोल्हापुर बेंच की स्थापना |
| जस्टिस शर्मिला यू. देशमुख | स्थायी | ट्रेडमार्क मामलों में विशेषज्ञ |
| जस्टिस आर.आई. चगला | डिवीजन बेंच | आईपीओ और वित्तीय केस |
| जस्टिस फरहान ए. दुभाश | डिवीजन बेंच | वीवर्क केस में शामिल |
| जस्टिस रेवती मोहिते-डेरे | डिवीजन बेंच | कैंटोनमेंट बोर्ड स्प्लिट वर्डिक्ट |
| नए जज: निवेदिता प्रakash मेहता | 25 अक्टूबर 2024 (2 वर्ष के लिए) | अतिरिक्त जज |
| नए जज: प्रफुल्ल सुरेंद्र खूबलकर | 25 अक्टूबर 2024 | अतिरिक्त जज |
| नए जज: अश्विन दामोदर भोবে | 25 अक्टूबर 2024 | अतिरिक्त जज |
| नए जज: रोहित वासुदेव जोशी | 25 अक्टूबर 2024 | अतिरिक्त जज |
| नए जज: अद्वैत महेंद्र सेठना | 25 अक्टूबर 2024 | अतिरिक्त जज |
कुल 68 जज कार्यरत हैं। अपडेटेड लिस्ट के लिए bombayhighcourt.nic.in/jshow.php पर चेक करें।
केस स्टेटस चेक कैसे करें?
बॉम्बे हाई कोर्ट में केस स्टेटस ऑनलाइन चेक करना आसान है। ecourts.gov.in या आधिकारिक साइट का उपयोग करें:
- वेबसाइट पर जाएं: hcservices.ecourts.gov.in/ecourtindiaHC/index_highcourt.php?state_cd=1&dist_cd=1&court_code=2&stateNm=Bombay (ओरिजिनल साइड के लिए)।
- खोज विकल्प चुनें: केस नंबर, FIR नंबर, पार्टी नाम, एडवोकेट नाम, फाइलिंग नंबर, केस टाइप या ईयर से सर्च करें।
- डिटेल्स सबमिट करें: बेंच (मुंबई/नागपुर आदि), साइड (ओरिजिनल/अपीलेट) चुनें।
- रिजल्ट देखें: ऑर्डर, जजमेंट और नेक्स्ट हियरिंग डेट दिखेगी।
उदाहरण: पार्टी नाम से सर्च करने पर केस हिस्ट्री, स्टेज और स्टेटस मिलेगा। यदि समस्या हो, तो हेल्पलाइन 1800-313-0012 पर कॉल करें।
ई-फाइलिंग गाइड: स्टेप बाय स्टेप प्रक्रिया
2022 के ई-फाइलिंग रूल्स के तहत बॉम्बे हाई कोर्ट में ऑनलाइन फाइलिंग अनिवार्य है। 2025 में यह प्रक्रिया और सरल हो गई है। bombayhighcourt.nic.in/commercial_court.php पर जाएं:
- रजिस्ट्रेशन:advocate.onlineservices@hcservices.net पर ईमेल से रजिस्टर करें। डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट (DSC) जरूरी।
- लॉगिन और केस क्रिएट: नई याचिका अपलोड करें – PDF फॉर्मेट में (ऑडियो/वीडियो भी सपोर्ट)।
- डॉक्यूमेंट्स अपलोड: प्लेडिंग्स, एफिडेविट, एग्जिबिट्स मार्क करें। फीस ऑनलाइन पे करें।
- सबमिशन: रजिस्ट्री चेक करेगी; ऑब्जेक्शन आने पर सुधारें। स्वीकृति पर केस नंबर मिलेगा।
- ट्रैकिंग: ई-फाइलिंग पोर्टल पर स्टेटस देखें।
नोट: सभी केविएट ऑनलाइन फाइल हो सकते हैं। गाइडलाइन्स के लिए E-Filing Rules 2022 PDF डाउनलोड करें।
हियरिंग डिटेल्स: कॉज़ लिस्ट कैसे देखें?
हियरिंग शेड्यूल (कॉज़ लिस्ट) दैनिक, साप्ताहिक या मासिक उपलब्ध है। services.india.gov.in/service/detail/check-cause-lists-of-bombay-high-court-1 पर जाएं:
- चुनें: बेंच नाम (मुंबई/नागपुर), साइड, डॉक्यूमेंट टाइप और डेट।
- सर्च: दिसंबर 2025 के लिए, उदाहरण – 10 दिसंबर को अपीलेट साइड पर 500+ केस।
- डिटेल्स: जज नाम, केस टाइप, पार्टी और टाइम स्लॉट दिखेगा। PDF डाउनलोड करें।
- अडवोकेट लीव: लीव पर वकीलों की लिस्ट भी चेक करें।
लाइव हियरिंग के लिए YouTube चैनल या आधिकारिक ऐप देखें। नागपुर बेंच पर ध्वनि प्रदूषण केस 5 दिसंबर को सुना गया।
निष्कर्ष: न्याय की पहुंच आसान बने
बॉम्बे हाई कोर्ट डिजिटल इंडिया के तहत ई-कोर्ट्स को मजबूत कर रहा है, जिससे केस स्टेटस और फाइलिंग तेज हो गई है। 2025 में नए जजों की नियुक्ति से लंबित केस कम होंगे। यदि आप किसी केस से जुड़े हैं, तो आधिकारिक साइट्स का उपयोग करें। अधिक जानकारी के लिए bombayhighcourt.nic.in विजिट करें। आपके विचार क्या हैं – कोर्ट की डिजिटल प्रगति पर? कमेंट्स में बताएं!











