Meesho Share Price Live: आज का दिन ई-कॉमर्स जगत के लिए खास है। मीशो (Meesho) के शेयरों ने स्टॉक मार्केट में धमाकेदार एंट्री मारी है। आईपीओ प्राइस के मुकाबले 46% प्रीमियम पर लिस्टिंग के साथ ही मीशो के शेयरों ने निवेशकों को खुशी का तोहफा दिया है। लेकिन सवाल ये है कि मार्केट में ये हलचल क्यों? क्या है इसके पीछे का राज? इस ब्लॉग में हम लाइव शेयर प्राइस, आईपीओ की पूरी कहानी और बढ़त के कारणों पर गहराई से नजर डालेंगे। अगर आप निवेशक हैं, तो ये पढ़ना आपके लिए जरूरी है!
Meesho Share Price Live: मीशो आईपीओ: एक झलक
मीशो, जो 2015 में विदित अत्रेय और संजीव कुमार द्वारा स्थापित किया गया, भारत का सबसे बड़ा ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म है। ये छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों के पहले समय के ऑनलाइन शॉपर्स को किफायती प्रोडक्ट्स उपलब्ध कराता है।
फैशन, होम एंड किचन, ब्यूटी एंड पर्सनल केयर जैसे कैटेगरी में मीशो का दबदबा है।

- आईपीओ डिटेल्स: 3 दिसंबर से 5 दिसंबर तक खुला, टोटल साइज ₹5,421 करोड़। इसमें फ्रेश इश्यू ₹4,250 करोड़ और ऑफर फॉर सेल (OFS) ₹1,171 करोड़ शामिल।
- प्राइस बैंड: ₹105-₹111 प्रति शेयर।
- सब्सक्रिप्शन: 79 गुना! क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) ने 120 गुना, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII) ने 38 गुना और रिटेल ने 19 गुना सब्सक्राइब किया।
- लिस्टिंग डेट: आज, 10 दिसंबर 2025, सुबह 10 बजे NSE और BSE पर।
मीशो ने आईपीओ से पहले एंकर इन्वेस्टर्स से ₹2,439 करोड़ जुटाए, जिसमें ग्लोबल फंड्स, म्यूचुअल फंड्स और सोवरेन वेल्थ फंड्स शामिल थे। ये सब्सक्रिप्शन रेट ही मार्केट की हलचल का पहला संकेत था।
मीशो शेयर प्राइस लाइव: धमाकेदार डेब्यू!
आज सुबह 10 बजे लिस्टिंग के साथ ही मीशो के शेयरों ने बाजार को चौंका दिया। आईपीओ प्राइस ₹111 के मुकाबले:
| एक्सचेंज | लिस्टिंग प्राइस | प्रीमियम (%) | सेटलमेंट प्राइस (सुबह 9:45 तक) |
|---|---|---|---|
| NSE | ₹162.50 | 46.40% | ₹162.50 |
| BSE | ₹161.20 | 45.23% | ₹161.20 |
ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) ने पहले ही संकेत दे दिया था। लिस्टिंग से पहले GMP ₹43 था, जो 38.74% प्रीमियम का इशारा कर रहा था। लेकिन असल लिस्टिंग इससे भी बेहतर रही। प्री-ओपन सेशन में NSE पर ₹161 और BSE पर ₹155 का भाव दिखा। ये 2025 का सबसे हाई-प्रोफाइल टेक लिस्टिंग में से एक साबित हो रहा है।
अगर आपने आईपीओ में अप्लाई किया था, तो अपना अलॉटमेंट स्टेटस KFin Technologies, NSE या BSE की वेबसाइट पर चेक कर सकते हैं। रिफंड्स 9 दिसंबर को ही प्रोसेस हो चुके हैं।
मार्केट में हलचल क्यों? बढ़त के मुख्य कारण
मीशो के शेयरों की ये तेजी कोई संयोग नहीं। इसके पीछे कई मजबूत वजहें हैं, जो निवेशकों का भरोसा बढ़ा रही हैं:
- स्ट्रॉन्ग सब्सक्रिप्शन और इन्वेस्टर सेंटिमेंट: 79 गुना सब्सक्रिप्शन ने दिखाया कि मार्केट मीशो पर भरोसा करता है। QIBs का 120 गुना रिस्पॉन्स खासतौर पर उत्साहजनक है। एंकर इन्वेस्टर्स का ₹2,439 करोड़ का निवेश ने कॉन्फिडेंस बूस्ट किया।
- ग्रोथ स्टोरी और मार्केट पोजीशन: मीशो भारत के ई-कॉमर्स मार्केट में लीडर है। सितंबर 2025 तक 7 लाख से ज्यादा सेलर्स और 23.4 करोड़ एनुअल ट्रांजैक्टिंग यूजर्स। रेवेन्यू FY25 में ₹9,387 करोड़ पहुंचा, जो FY24 के ₹7,615 करोड़ से 23% ज्यादा। छोटे शहरों (टियर-2 और टियर-3) में 70% से ज्यादा बिजनेस, जहां पेनेट्रेशन अभी कम है लेकिन ग्रोथ पोटेंशियल हाई। Redseer रिपोर्ट के मुताबिक, मीशो ऑर्डर वॉल्यूम में नंबर 1 है।
- एसेट-लाइट मॉडल और इनोवेशन: मीशो का मार्केटप्लेस मॉडल कम लागत वाला है। आईपीओ फंड्स से ₹1,390 करोड़ क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर, ₹480 करोड़ AI/ML टीम्स और ₹1,020 करोड़ मार्केटिंग पर खर्च होंगे। ये इनोवेशन जैसे लोकल लॉजिस्टिक्स नेटवर्क और डिजिटल फाइनेंशियल सर्विसेज को बूस्ट देंगे। ब्रोकरेज जैसे InCred Equities ने ‘सब्सक्राइब’ रेटिंग दी, क्योंकि वैल्यूएशन 5.3x मार्केट कैप/सेल्स पर अट्रैक्टिव लग रही।
- ई-कॉमर्स बूम: भारत का ई-कॉमर्स GMV ₹6 ट्रिलियन से बढ़कर FY30 तक ₹15-18 ट्रिलियन हो सकता है। नॉन-इलेक्ट्रॉनिक्स कैटेगरी में पेनेट्रेशन सिर्फ 37% है, जो ग्रोथ का बड़ा मौका है। मीशो का फोकस वैल्यू-ड्रिवन शॉपर्स पर है, जो अमेजन-फ्लिपकार्ट से अलग है।
- फाइनेंशियल इम्प्रूवमेंट: लॉसेस कम हुए हैं – H1 FY26 में ₹700 करोड़ vs पिछले साल ₹2,513 करोड़। ये डिसिप्लिन्ड कैश फ्लो और एफिशिएंट ऑपरेशंस का नतीजा है।
प्रशांत तापसे (मेहता इक्विटीज) कहते हैं, “मीशो का हाई-ग्रोथ मॉडल और सब्सक्रिप्शन मोमेंटम 25-30% लिस्टिंग गेन का संकेत दे रहा। लॉन्ग-टर्म के लिए होल्ड करें।”
क्या करें निवेशक? एक्सपर्ट टिप्स
- शॉर्ट-टर्म ट्रेडर्स: 25-30% गेन पर प्रॉफिट बुक करें। लिस्टिंग गेन अच्छा है, लेकिन वोलेटिलिटी हो सकती है।
- लॉन्ग-टर्म इन्वेस्टर्स: होल्ड करें। 12-18 महीनों में ग्रोथ पोटेंशियल हाई। लेकिन प्रॉफिटेबिलिटी पर नजर रखें – FY25 में लॉस ₹3,883 करोड़ रहा।
- रिस्क: रीजनल कंसेंट्रेशन (गुजरात, UP, दिल्ली में 45% सेलर्स) और टेक आउटेज जैसे चैलेंजेस।
मीशो की वैल्यूएशन ₹50,000 करोड़ के आसपास है, जो पीयर्स से किफायती लग रही। लेकिन मार्केट सेंटिमेंट पर निर्भर।
निष्कर्ष: मीशो का सफर जारी
मीशो ने साबित कर दिया कि वैल्यू-ड्रिवन ई-कॉमर्स में दम है। आज की 46% प्रीमियम लिस्टिंग मार्केट की हलचल का प्रमाण है – सब्सक्रिप्शन, ग्रोथ और इनोवेशन का कम्बिनेशन।
लेकिन निवेश से पहले अपना रिसर्च करें। क्या आपने मीशो आईपीओ में अप्लाई किया था? कमेंट्स में बताएं! ज्यादा अपडेट्स के लिए बने रहें।











