दिल को छू जाने: ज़िंदगी में हर कोई कभी न कभी ऐसे दौर से गुज़रता है, जब दिल में बहुत कुछ होता है लेकिन कहने को शब्द नहीं मिलते। ऐसे ही खामोश जज़्बातों को सैड शायरी आवाज़ देती है। यह शायरी दर्द, तन्हाई और अधूरे रिश्तों की सच्ची तस्वीर पेश करती है। इन शायरियों में बीते लम्हों की यादें, टूटी उम्मीदें और अनकहे जज़्बात छुपे होते हैं। हर पंक्ति दिल को छू जाती है और पढ़ने वाले को उसके अपने अनुभवों से जोड़ देती है।

तेरी आँखों का वो समंदर अब सूख गया है,
मैं किनारे पर खड़ा बस तड़पता रहता हूँ,
लहरें जो कभी गले लगाती थीं,
अब सिर्फ़ याद बनकर चुभती रहती हैं।
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हर रात तेरे नाम की माला फेरता हूँ,
पर माला पूरी होने से पहले टूट जाती है,
आँसू गिरते हैं दानों की जगह,
और दिल फिर से खाली हो जाता है।

तेरा साथ छूटा तो ज़िंदगी रुक सी गई,
साँसें चलती हैं पर जीने का मन नहीं,
हर खुशी अब दूर की कौड़ी लगती है,
दर्द ही अब सबसे करीबी साथी है।

काश वो पुराने दिन लौट आएँ कभी,
जहाँ तेरी हँसी मेरी दुनिया थी,
अब वो हँसी सिर्फ़ ख्वाबों में आती है,
और सुबह होते ही आँखें नम हो जाती हैं।
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मोहब्बत ने सिखाया है चुप रहना,
दर्द को भी मुस्कुराकर छुपाना,
पर ये दिल अब बर्दाश्त नहीं करता,
हर पल बस तुझे पुकारता रहता है।

तेरी यादें जैसे काँटों भरी चादर हैं,
लेटूँ तो चुभती हैं, उठूँ तो खलती हैं,
नींद नहीं आती, सुकून नहीं मिलता,
बस ये दर्द ही अब साथ निभाता है।
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वो शहर जो कभी हमारा था साथ में,
अब अजनबी सा लगता है हर कोने में,
तेरी गलियाँ भी अब रोती हुई सी हैं,
और मैं अकेला भटकता फिरता हूँ।

काश मैं वो आँसू बन जाता जो तेरी आँखों में,
शायद तुझे मेरे दर्द का एहसास होता,
पर अब तो दूरियाँ इतनी हो गई हैं,
कि मेरी पुकार भी तेरे पास नहीं पहुँचती।
सैड शायरी सिर्फ उदासी नहीं होती, बल्कि यह दिल का बोझ हल्का करने का एक ज़रिया भी बन जाती है। जब कोई हमारी भावनाओं को शब्दों में लिख देता है, तो लगता है जैसे कोई हमें समझ रहा हो। यही वजह है कि लोग सैड शायरी पढ़कर खुद को अकेला महसूस नहीं करते। अगर आपके दिल में भी कुछ अधूरा सा है, तो ये सैड शायरियाँ आपके एहसासों को बयां करने का काम करेंगी। कभी-कभी चुपचाप पढ़ी गई एक शायरी भी दिल को सुकून दे जाती है।






